Water crisis in delhi
सूरज आग उगल रहा है. देश के कई हिस्सों में पारा 50 डिग्री को पार कर गया है. राजधानी दिल्ली के मुंगेशपुर में भी बुधवार को पारा 52 डिग्री के ऊपर चला गया. इस चिलचिलाती गर्मी में सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के कई इलाकों में पानी की किल्लत भी सामने आ रही है.
दिल्लीवालों को हर दिन 129 करोड़ गैलन पानी की जरूरत है. मगर दिल्ली जल बोर्ड
97 करोड़ गैलन पानी की सप्लाई भी नहीं कर पा रहा है. हालात ये हैं कि पानी की
बर्बादी करने पर अब दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है.
इसी तरह, इस साल फरवरी-मार्च में पानी के भयानक संकट से जूझ रहे बेंगलुरु में हालात अब भी पूरी तरह से सुधरे नहीं हैं.

राजधानी में लोग पानी की परेशानी से जूझ रहे हैं। घरों में तो दूर अब पानी के टैंकर लेने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को पानी के टैंकर के लिए दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है। इसके बावजूद भी लोगों को एक सप्ताह के बाद पानी के टैंकर का स्लॉट मिल रहा है। इसके बाद भी आसानी से पानी नहीं मिलता है।
कई दिनों के इंतजार के बाद उन्हें जरूरत भर भी पानी नहीं मिल पाता है। लोग प्यास बुझाने के लिए बोतल बंद पानी व टैंकर के ऊपर निर्भर है। निजी टैंकर के मालिक लोगों की इसी मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। वह लोगों को अधिक कीमत पर टैंकर उपलब्ध करवा रहे है।

पानी माफिया की इस इलाके में खूब घुसपैठ है। प्रति टैंकर पानी की कीमत पांच सौ से लेकर एक हजार रुपये तक वसूली जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जल बोर्ड ने भिजवा दिया तो ठीक नहीं, तो माफिया से पानी खरीदना पड़ता है। संजीव गुप्ता का कहना है कि उनकी मजबूरी है पानी खरीदना। दिन में कई बार टैंकर आते हैं और पानी की आपूर्ति करते हैं। इलाके में रहने वाले लोग चंदा एकत्र कर पानी मंगवाते है। जरूरी काम के लिए पानी तो दूर पीने के पानी के लिए भी आरओ या बोतलबंद पानी पर 70 फीसदी परिवार निर्भर हैं।

आबादी के मुकाबले कम है सप्लाई
ये तो मान लीजिए कि गर्मी के कारण इस वक्त राजधानी में पानी की मांग बढ़ गई है पर दिल्लीवालों की प्यास पूरी तरह बुझा पाने की पूरी तैयारी पहले से नहीं थी. पहले से ही आशंका जताई जा रही थी कि इस बार भी गर्मी में दिल्ली के लोगों की प्यास बुझने वाली नहीं है, क्योंकि राजधानी में जितनी आबादी है, उसके मुकाबले सप्लाई पहले से काफी कम है.
दिल्ली में इस वक्त पानी की सप्लाई 998.8 से 1000 एमजीडी यानी मिलियन गैलन पर डे बताई जा रही है. इसके मुकाबले मांग 1296 एमजीडी से 1300 एमजीडी के करीब है. यानी मांग की तुलना में पानी की सप्लाई करीब 300 एमजीडी कम है.

यह है पानी संकट की सबसे बड़ी वजह पार्टी दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने आरोप लगाया है कि इस साल एक मई से ही हरियाणा ने यमुना में दिल्ली के हिस्से का पानी रोक दिया. इसके कारण जलस्तर घट गया है.दिल्ली को पानी की सप्लाई वजीराबाद से होती है, जहां पिछले साल यानी 2023 के अप्रैल, मई और जून महीने में जलस्तर 674.5 फीट दर्ज किया गया था. अगर दिल्ली सरकार के आरोप में सच्चाई है तो हरियाणा के पानी रोकने की वजह से या फिर अन्य कारणों से इस साल मई के पहले ही हफ्ते में वजीराबाद का जलस्तर 674.5 फीट से घट कर 672 फीट पर आ गया था. आगे इसमें और गिरावट आई और 20 मई को जलस्तर 671 फीट, 24 मई को 670.2 फीट और 28 मई को कम होकर 669.8 फीट पर पहुंच गया.
0 Comments